अहमदाबाद: रिवर्स लॉजिस्टिक्स ग्रुप (आरएलजी), जो कि रिवर्स लॉजिस्टिक्स समाधानों की अग्रणी वैश्विक सेवा प्रदाता है, ने भारत में अपने प्रमुख अभियान ‘क्लीन टू ग्रीन’ की दूसरी पारी शुरू करने की घोषणा की। इस अभियान का उद्देश्य जिम्मेदार संगठनों के साथ भागीदारी करके रीसाइक्लिंग के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सुरक्षित प्रथाओं के जिम्मेदार निपटान पर जागरूकता और संवेदनशीलता पैदा करना है।

क्लीन टू ग्रीन अभियान के दूसरे वर्ष के बारे में बोलते हुए सु श्री राधिका कालिया, प्रबंध निदेशक, आरएलजी इंडिया ने कहा, “हमें पिछले साल फ्लैगशिप अभियान की सफलता से प्रोत्साहन मिला। वित्त वर्ष 2019-20 में हम व्यक्तियों और पेशेवरों को यह सुनिश्चित करने के लिए क्लीन टू ग्रीन अभियान की पहुंच का विस्तार करना चाहते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक्स का उचित निपटान और पुनर्चक्रण एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है और जनता के बीच ई-कचरे के जिम्मेदार निपटान के बारे में जागरूकता की कमी गंभीर मुद्दा है।”

इस अभियान के दूसरे वर्ष के शुभारंभ पर बोलते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निदेशक डॉ संदीप चटर्जी ने कहा, “क्लीन टू ग्रीन अभियान जिम्मेदार निपटान और रीसाइक्लिंग सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग और कॉर्पोरेट निकायों के साथ सहयोग करना चाहता है।

आरएलजी इंडिया से जुड़े निर्माता / ब्रांड माइक्रोसॉफ्ट, कैनन, एलजी, लेनोवो, गोदरेज, ब्रदर, सीमेंस, हायर, ओनिडा, आईएफबी, टेक्सलाविज़न, वीडोटेक्स, तनु, जी मोबाइल्स, एस मोबाइल्स, विज़िन, वोल्टासबे को एंड सोलवीयर, और एक्सपीडिशन हैं। अभियान ई-कचरे के सुरक्षित निपटान को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से उनके साथ काम करेगा।

क्लीन टू ग्रीन कैम्पेन के तहत अहमदाबाद के 32 स्कूलों में  25,500 से अधिक लोगों को ई-वेस्ट हैंडलिंग और डिस्पोसल के बारे में प्रशिक्षित किया गया। इन स्कूलों के नाम डीएल रावल स्कूल, विजयनगर हाई स्कूल, सरदार पटेल हाई स्कूल, नूतन गुजराती मीडियम स्कूल, आदर्श गुजराती प्राथमिक विद्यालय हैं।

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